रैगिंग की परिभाषा, कानूनी प्रावधान एवं दंडात्मक व्यवस्थाएँ
रैगिंग क्या है?
"वरिष्ठ छात्रों या उनके समूह द्वारा नवप्रवेशी या कनिष्ठ विद्यार्थियों के साथ ऐसा कोई भी व्यवहार करना जिससे उन्हें मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक या सामाजिक रूप से क्षति पहुँचे, डर, अपमान या अपसाद का अनुभव हो।"
इसके अंतर्गत निम्न गतिविधियाँ आती हैं:
चिढ़ाना, अपमानजनक मजाक करना
अभद्र एवं अशिष्ट भाषा या आचरण
डरा-धमकाकर कार्य करवाना
शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न
सामाजिक रूप से अलग-थलग करना
अनुचित, अश्लील या आत्म-सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले कार्य करने के लिए मजबूर करना
कोई भी ऐसा कार्य करवाना जो मानव गरिमा के विपरीत हो या जिससे जीवन को खतरा हो
कानूनी प्रावधान
✅ छत्तीसगढ़ राज्य रैगिंग प्रतिषेध अधिनियम, 2002
रैगिंग की परिभाषा: “ऐसा कोई भी कार्य जिसमें वरिष्ठ छात्र/छात्रा द्वारा कनिष्ठ को मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक रूप से प्रताड़ित या अपमानित किया जाए।”
प्रमुख प्रावधान:
रैगिंग एक दंडनीय अपराध है।
दोषी पाए जाने पर विद्यार्थी को संस्थान से निष्कासित किया जा सकता है।
शिकायत पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
कार्रवाई न करने पर संस्थान के विरुद्ध भी कार्यवाही संभव है।
सारांश तालिका
राज्य
अधिनियम
रैगिंग की परिभाषा
कार्रवाई
छत्तीसगढ़
रैगिंग प्रतिषेध अधिनियम, 2002
मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक उत्पीड़न
निष्कासन, कानूनी कार्रवाई
रैगिंग के स्वरूप (उदाहरणार्थ)
वरिष्ठ छात्रों को ‘सर’ कहने के लिए मजबूर करना
सामूहिक अभ्यास या परेड करवाना
वरिष्ठों के क्लास नोट्स कॉपी करवाना
बिना सहमति के कोई भी निजी कार्य करवाना
अश्लील प्रश्न पूछना या उत्तर देने को बाध्य करना
अशोभनीय हरकतें, जैसे शराब पीने या अन्य अपमानजनक कार्यों के लिए विवश करना
समलैंगिक या यौन संकेतक व्यवहार को बढ़ावा देना
हिंसात्मक या जीवन को खतरे में डालने वाले कार्य करना
रैगिंग में लिप्त होने पर संभावित दंड
प्रवेश निरस्त किया जाना
कक्षा या छात्रावास से निष्कासन
छात्रवृत्ति या सुविधाओं की समाप्ति
परीक्षा से वंचित करना
परीक्षा परिणाम रोकना
राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध
कॉलेज से स्थायी निष्कासन
आर्थिक दंड – ₹25,000 तक
एफ.आई.आर. दर्ज कराना एवं गिरफ्तारी
UGC, माननीय न्यायालय एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार रैगिंग के अंतर्गत आने वाली गतिविधियाँ
अकादमिक गतिविधियों में व्यवधान डालना
जबरदस्ती नोट्स लिखवाना या प्रोजेक्ट तैयार करवाना
आर्थिक रूप से दबाव डालना
शारीरिक/मानसिक क्षति पहुँचाना
मोबाइल, ईमेल या मौखिक रूप से अपशब्द कहना
महाविद्यालय, छात्रावास, बस, ट्रेन या सार्वजनिक स्थल – हर जगह रैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित
शिकायत कैसे करें?
रैगिंग की किसी भी घटना की शिकायत महाविद्यालय की एंटी-रैगिंग समिति से की जा सकती है।
क्र.
नाम
भूमिका
संपर्क नंबर
1
डॉ. जी. डी. एस. बग्गा
प्रभारी
9425567508
2
डॉ. ज्योति केरकेट्टा
सदस्य
8109063696
3
डॉ. एस. के. मेश्राम
सदस्य
9424112767
4
डॉ. दिव्या नेमा
सदस्य
9806372488
5
डॉ. शशि ठाकुर
सदस्य
9406055445
✅ निष्कर्ष:
रैगिंग एक गंभीर अपराध है जो विद्यार्थी जीवन को प्रभावित करता है। इसे रोकना न केवल संस्थान की जिम्मेदारी है, बल्कि सभी छात्रों का भी नैतिक कर्तव्य है। आइए, हम मिलकर एक सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करें।