भूगोल विभाग की स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखना है।
विभाग के उद्देश्य
भौतिक और मानव भूगोल का अध्ययन: पृथ्वी की भौतिक विशेषताओं (जैसे—जलवायु, स्थलाकृति, मिट्टी) और मानव गतिविधियों (जैसे—जनसंख्या वितरण, शहरीकरण) के बीच संबंधों का अध्ययन।
प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन: पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के उचित उपयोग हेतु प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों की कमी का अध्ययन और समाधान।
मूल्यांकन और विकास: विभिन्न क्षेत्रों का मूल्यांकन कर कृषि, जल आपूर्ति, परिवहन आदि के लिए विकास योजनाएँ तैयार करना।
भू-आकृति और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन: पृथ्वी की संरचना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन ताकि भविष्यवाणियाँ और उचित कदम उठाए जा सकें।
शैक्षणिक उद्देश्य: छात्रों को भूगोल के सिद्धांतों और उनके वास्तविक जीवन में प्रयोग को समझाना और सिखाना।
विभाग की जानकारी
स्थापना वर्ष: 2020–2021 (स्नातक स्तर, सीट – 40)
विभागीय स्टाफ
क्रमांक
नाम
पद
नियुक्ति तिथि
01
श्री खेमलाल नेताम
सहायक प्राध्यापक
04-03-2022
ईमेल: khemnetam1983@gmail.com
फोन नंबर: 9407718890
योग्यता: M.A. भूगोल, NET, SET
परिणाम विवरण
सत्र 2023–2024
कक्षा
नामांकित छात्र
परीक्षा में सम्मिलित
उत्तीर्ण
परिणाम प्रतिशत
बी.ए. प्रथम
40
36
36
100%
बी.ए. द्वितीय
27
25
25
100%
बी.ए. तृतीय
40
35
35
100%
सत्र 2024–2025
कक्षा
नामांकित छात्र
परीक्षा में सम्मिलित
उत्तीर्ण
परिणाम प्रतिशत
बी.ए. प्रथम
40
37
34
91.89%
बी.ए. द्वितीय
34
32
32
100%
बी.ए. तृतीय
31
28
27
96.42%
आधारभूत संरचना
सभी कक्षाओं के लिए पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं।
कुल 100 पुस्तकें विभाग में उपलब्ध हैं।
सभी कक्षाओं के लिए अध्ययन कक्ष उपलब्ध है।
छात्रों के लिए प्रयोगशाला सुसज्जित है।
स्मार्ट अध्ययन कक्ष भी उपलब्ध है।
प्रयोगशाला उपकरण एवं शिक्षण सामग्री
Plane Table Set
Prismatic Compass
Chain and Tape
Tracing Table
Stereoscope – Mirror Pocket
Ranging Rod
Map
Globe
Weather Maps
Barometer
योजना
यह योजना स्नातक स्तर की कक्षाओं में भूगोल के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग को सिखाने के लिए बनाई गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भूगोल विषय की बेहतर समझ मिल सके और वे क्षेत्रीय विकास में सहभागी बन सकें।