Year of Establishment : UG–1989, PG – 2020
Name of Programme : UG–B.A, PG – M.A.
Number Of Teaching Faculty : Regular-01, Guest Faculty-03
Student Strength :
UG, Hindi Language - 1208
UG Hindi Literature - 445
PG Hindi - 80
हिन्दी विभाग महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1989 ई. के साथ इस संस्थान के अभिन्न अंग के रूप में स्थापित किया गया है। यह विभाग अपनी स्थापना के समय से ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है। विभाग का प्रयास महाविद्यालय के मूल्य एवं परम्परा को आगे बढ़ाना है। विभाग द्वारा स्नातक स्तर पर बी.ए./बी.एससी./बी.कॉम. भाग-एक/दो/तीन की कक्षाओं में हिन्दी भाषा एवं बी.ए. भाग एक/दो/तीन की कक्षाओं में हिन्दी साहित्य तथा स्नातकोत्तर स्तर पर एम.ए. हिन्दी की कक्षाएं सेमेस्टर पद्धति के द्वारा हिन्दी भाषा और साहित्य विषयों के शिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।
विभाग की दूरदृष्टिता ज्ञान सम्पन्न प्रतिभावान विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो हिन्दी के प्रचार-प्रसार, भाषिक प्रयोग एवं साहित्यिक रचनाओं द्वारा समाज में हिन्दी तथा हिन्दी साहित्य की परम्परा को आगे बढ़ाएं। साथ ही हिन्दी की उपयोगिता सिद्ध करते हुए इसके विकास में योगदान दे सकें। विभाग की दूरदृष्टिता विद्यार्थियों को भाषा, साहित्य एवं काव्यशास्त्र की प्रारंभिक अवधारणाओं से परिचित कराते हुए इन विषयों की प्रतिबद्धता की ओर ले जाना, गुणवत्तापूर्ण हिन्दी भाषा एवं साहित्य की शिक्षा प्रदान करना, नैतिक मूल्यों की शिक्षा द्वारा श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण एवं समाज से सामंजस्य स्थापित करने हेतु उनमें परिपक्वता विकसित करना है। शिक्षार्थियों की रूचि एवं प्रतिभा अनुसार मंच प्रदान करना जिससे हिन्दी भाषा और साहित्य का निरंतर विकास होता रहे। शिक्षार्थियों में भाषिक क्षमता, चिन्तन-मनन एवं कल्पनाशीलता विकसित करना जिससे उनमें भाषा और साहित्य के प्रति रूचि उत्पन्न हो और साहित्य संसार नवीन सृजन से समृद्ध होता रहे। विभाग की इन दूरदृष्टिताओं के माध्यम से भविष्य में हिन्दी भाषा के सूक्ष्म अध्ययन एवं साहित्य के प्रति जन-समाज में जागृति उत्पन्न होगी, जिससे हिन्दी को और फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।
हिन्दी विभाग का ध्येय शिक्षार्थियों के शब्द भंडार में वृद्धि करना, भाषिक प्रयोग, साहित्यिक चिंतन-मनन, सृजन और आस्थावान विद्यार्थी तैयार करना है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, समाजोन्मुखी दृष्टि, बौद्धिक परिपक्वता और संवेदनात्मक गुणों के विकास के लिए उचित दिशा-निर्देश देना, आधुनिक शैक्षिक संचार माध्यमों में हिन्दी के प्रयोग तथा रोजगार के अवसर से अवगत कराना, जागरूकता कार्यक्रम, सामूहिक परिचर्चा एवं कक्षा शिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों द्वारा विद्यार्थियों में आपसी भाईचारे व सुनने, बोलने, लिखने-पढ़ने एवं स्वतंत्र सोच विकसित करने का अवसर देना तथा उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना विभाग का ध्येय है। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाना और हिन्दी के प्रति विद्यार्थियों में प्रेरणा एवं प्रोत्साहन द्वारा अपनत्व का भाव जागृत कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करना हिन्दी विभाग का प्रमुख ध्येय है।
शैक्षणिक स्टाफ
क्र. | नाम | पद | कार्यानुभव (वर्ष) | विशेषता |
---|---|---|---|---|
1 | डॉ. ज्योति केरकेट्टा | प्राध्यापक | 29 | एम.ए., बी.एड., पी.एच-डी |
2 | डॉ. हर्ष कुमार वर्मा | अतिथि सहायक प्राध्यापक | 04 | एम.ए., बी.एड., नेट/सेट, पी.एच-डी |
3 | श्रीमती भूमिका यादव | अतिथि सहायक प्राध्यापक | 03 | एम.ए., बी.एड., सेट, पी.एच-डी शोध जारी |
4 | डॉ. अशोक तिवारी | अतिथि सहायक प्राध्यापक | 15 | एम.ए., बी.एड., नेट/सेट, पी.एच-डी |
हिन्दी विभाग के गौरव
क्र. | नाम | कक्षा | सत्र | प्रावीण्य सूची (विश्वविद्यालय स्तर) |
---|---|---|---|---|
1 | पूर्णिमा रात्रे | एम.ए. हिन्दी | 2021-22 | प्रथम स्थान, महाविद्यालय स्तर |
2 | अंजली वर्मा | एम.ए. हिन्दी | 2022-23 | तीसरा स्थान, विश्वविद्यालय स्तर |
3 | भारती वर्मा | एम.ए. हिन्दी | 2023-24 | सातवां स्थान, विश्वविद्यालय स्तर |
विद्यार्थियों के लिए आबंटन सीट
कक्षा | विषय | आबंटित सीट |
---|---|---|
बी.ए. भाग एक | हिन्दी भाषा | 320 |
बी.ए. भाग दो | हिन्दी भाषा | 320 |
बी.ए. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 320 |
बी.एससी. भाग एक | हिन्दी भाषा | 200 |
बी.एससी. भाग दो | हिन्दी भाषा | 200 |
बी.एससी. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 200 |
बी.कॉम. भाग एक | हिन्दी भाषा | 120 |
बी.कॉम. भाग दो | हिन्दी भाषा | 120 |
बी.कॉम. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 120 |
एम.ए. हिन्दी | हिन्दी साहित्य | 40 |
पाठ्यक्रम
बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम. भाग - एक/दो/तीन हिन्दी भाषा
विद्यार्थी पत्राचार, अनुवाद, पारिभाषिक शब्दावली, मानक हिन्दी भाषा एवं हिन्दी की व्याकरणिक कोटियां (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, समास, सन्धि), देवनागरी लिपि, सामाजिक गतिशीलता, कम्प्यूटर परिचय, कथन की शैलियां, विभिन्न संरचनाएं, कार्यालयीन पत्र व आलेख, प्रतिवेदन, निमंत्रण पत्र एवं साहित्य की विधाओं जैसे कहानी, कविता, एकांकी, पत्र, डायरी आदि का ज्ञान प्राप्त करेंगे।
बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम. हिन्दी साहित्य
विद्यार्थी हिन्दी साहित्य की सभी विधाओं से परिचित होंगे एवं अपनी परिकल्पनाओं के माध्यम से साहित्य लेखन की ओर अग्रसर होंगे।
एम.ए. हिन्दी प्रथम/द्वितीय/तृतीय/चतुर्थ सेमेस्टर
विद्यार्थी हिन्दी साहित्य के इतिहास में आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल को समझेंगे। साथ ही साहित्य सिद्धांत, आलोचना शास्त्र, भाषा विज्ञान, कामकाजी हिन्दी एवं पत्रकारिता, भारतीय साहित्य, समीक्षा शास्त्र, मीडिया लेखन, अनुवाद, जनपदीय भाषा एवं छत्तीसगढ़ी साहित्य से परिचित होंगे।
बसंत पंचमी के अवसर पर ‘अपना-अपना बसंत महाप्राण निराला के संग’ विषय पर आधारित स्वरचित काव्यपाठ का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कविताओं का पाठ किया।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से प्रेमचंद चित्र दीर्घा प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के जीवन और रचनाओं को चित्रों के माध्यम से जाना।
हिन्दी दिवस के अवसर पर "हिन्दी की महत्ता, प्रयोजनीयता एवं वर्तमान प्रासंगिकता" विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कक्षा | विषय | परीक्षार्थी | उत्तीर्ण |
---|---|---|---|
बी.ए. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 106 | 106 |
बी.एससी. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 95 | 95 |
बी.कॉम. भाग तीन | हिन्दी भाषा | 70 | 70 |
बी.ए. भाग तीन | हिन्दी साहित्य | 83 | 83 |
कक्षा | विषय | परीक्षार्थी | उत्तीर्ण |
---|---|---|---|
एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर | हिन्दी | 37 | 37 |
एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर | हिन्दी | 34 | 34 |
कुल परीक्षार्थी | कुल उत्तीर्ण | प्रतिशत |
---|---|---|
354 | 354 | 100% |