पुस्तकालय

महाविधालय के पुस्तकालय में कुल 17834 पुस्तकें है।

पुस्तक संग्रह पुस्तक संख्या
पुस्तकालय(सामान्य) मे - 9136
यूजीसी - 4526
बी.पी.एल. - 919
अनुसुचित जाति बूक बैक - 2574
अनुसुचित जनजाति बूक बैंक - 658
दान स्वरूप - 21

टीप : एन- लिस्ट (इनफ्लिबनेट) ई - रिसोर्स की सुविधा उपलब्ध है

महाविधालय के वाचानालय में 05 दैनिक समाचार पत्र एवं राष्ट्रीय तथा स्थानीय स्तर की पत्रिकायें क्रय की जाती हैं जिनके नाम निम्न लिखित हैं-

1.रोजगार नियोजन 2.रोजगार समाचार
3.इंडिया टुडे 4.छत्तीसगढ़ विवेक
5.योजना 6. पर्यावरण एवं उर्जा टाइम्स
7. कुरुक्षेत्र 8.प्रतियोगिता दर्पण
9.गृह शोभा 10.Chemistry Today
11.Mathametics Today 12.Biology Today
13.Physics For you 14. Studies in Indian politics
15.Journals of emereging market finance 16.Journals of land and rural studies
17.शोधा यतन 18. शोध चेतना
19.परिप्रेक्ष्य 20.अक्षर पर्व

सदर्भ ग्रंथ ,विशिष्ट पुस्तकें, पत्रिकायें एवं जर्नल्स पुस्तकालय मे ही उपयोग किये जा सकते है। इन्हें निर्गमित नही किया जावेगा।

पुस्तकालय संचालन के नियम :-

  1. पुस्तकालय की सुविधाओं से लाभ उठाने वाले नियमित छात्र छात्रायों की अनिवार्यतः पुस्तकालय के नियमो का पालन करना होगा।
  2. पुस्तकों 14 दिनों की अवधि के लिए निर्गमित की जावेगी। निर्धारित तिथि कि उपरांत पुस्तकें रखने के इच्छुक पाठकों को पुस्ताकालय अध्यक्ष से नवीनीकरण करवाना अनिवार्य होगा।
  3. पुस्तके प्राप्त करने के लिए छात्र छात्रायों को अपना नवीनतम परिचय पत्र लाना अनिवार्य है। तथा व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होना होगा।
  4. पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तको से ही निर्गमित की जावेगीं।
  5. प्राप्त पुस्तकों को फाड़ना, उन पर लिखना अथवा अन्य किसी प्रकार की क्षति पहूँचाना वर्जित है। पुस्तकालय से जाने के पूर्व पाठक भलि भाँति जांच कर लेनी चाहिए।
  6. किसी भी प्रकार की कांट- छांट अथवा क्षति से सुचित कर देनी चाहिए अन्यथा उक्त पाठक को उत्तरदायी ठहराया जावेगा।
  7. प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित दिन व समयानुसार ही पुस्तकालय से पुस्तको का आदान प्रदान करना होगा।
  8. पुस्तकें निर्धारित तिथी पर लौटाई नही गई तो 25 पैसे प्रति पुस्तक प्रति दिन की दर से विलंब शुल्क जमा करना होगा।
  1. छात्रो से अपेक्षा है कि पुस्तकालय में अनुशासित ढंग से पुस्तके प्राप्त करें।

  2. नियमो का उल्ल्रघन(अवज्ञा) करने पर पुस्तकालय प्रवेश तथा पुस्तक निर्गमन करने का अधिकार निरस्त किया जा सकता है।

  3. अनूसूचित जाति, अनूसूचित जनजातियों के छात्राओ को संपूर्ण सत्र हेतु पुस्तके निर्गमित की जाती है। इस हेतु शासन द्धारा बूक बैंक योजना के तहत् प्राप्त अनुदान से छात्र-छात्राये लाभान्वित होते हैं। इसी तरह निर्धन छात्र-छात्राये जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं उन्हें भी बी.पी.एल. योजना के तहत् पुस्तकें निर्गमित की जाती है।